आपको पता चलेगा कि भगवान शिव आपके साथ हैं, जब आपको आंतरिक शांति, धैर्य और हिम्मत महसूस हो, सपने में शिव-संबंधित चीजें (त्रिशूल, सांप, डमरू, शिवलिंग) दिखें, अचानक मदद मिले, नंदी के दर्शन हों, और आपमें आध्यात्मिक गुणों (त्याग, करुणा, एकाग्रता) का विकास हो, जो मुश्किल समय में भी आपको विचलित होने से रोकते हैं और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं.
शिव के प्रतिमा संबंधी गुणों में उनके गले में सर्पराज वासुकी, सुशोभित अर्धचंद्र, उनकी जटाओं से बहती पवित्र गंगा नदी, उनके माथे पर तीसरी आंख (वह आंख जो खुलने पर अपने सामने की हर चीज को राख में बदल देती है), त्रिशूल या त्रिशूल उनका हथियार और डमरू शामिल हैं।
इनके एक हाथ में त्रिशूल, दू सरे हाथ में डमरु, गले में सर्प माला, सिर पर त्रिपुंड चंदन लगा हुआ है। माथे पर अर्धचन्द्र और सिर पर जटाजूट जिससे गंगा की धारा बह रही है। थोड़ा ध्यान गहरा होने पर इनके साथ इनका वाहन नंदी भी नजर आता है। कहने का मतलब है कि शिव के साथ ये 7 चीजें जुड़ी हुई हैं।
- वासुकि नाग (गले का हार): यह अहंकार और वासना पर विजय का प्रतीक है। मोक्ष पाने के लिए इन विकारों का नियंत्रण में होना जरूरी है।
